कहानी

जिंदगी छोटी पड़ गई

कहानी थोड़ी पुरानी है …… एक परिवार में माँ और तीन बच्चे(दो पुत्र और एक पुत्री) थे. तीनों बच्चे छोटे छोटे थे तभी पिता की मृत्यु हो गई थी। … सबसे छोटी पुत्री को अपने पिता की छवि याद भी नहीं थी। ….परिवार में आमदनी का स्रोत्र खेती था. जिंदगी सुचारु रूप से चल रही थी. लेकिन जब बच्चे […]

कविता

कुंडलिया छंद

बदला दिन और रात, आते ही आसाढ़ नाचने लगे खेतिहर, दिखाने लगे डाढ दिखाने लगे डाढ, लगे वो बिजड़ा बोने लौटे तम के ठांव, मचनिया चढे बिठौने सुनते मेघ मल्‍हार, बजाते ढफ चंग तबला बौछारों में भीग, गाँव का मौसम बदला।

कविता

तांका { 5 / 7 / 5 / 7 / 7 }

1 भेंट है मिला बड़े संघर्षों बाद स्वतंत्र देश प्रजातांत्रिक वेश विश्व अग्रणी केश 2 गुणन योग्य है मधुमय तोष देव की आस माँ के गोद में खेलें हिन्द देश में होती 3 देव का भेंट प्रकृति करे प्यार रवि रश्मियाँ सर्व प्रथम आती हिन्द धरा चूमती === विभा रानी श्रीवास्तव

कविता

हाइकु

1 तड़ तड़ाक बची नहीं गरिमा चोटिल आत्मा । ===== 2 तड़ ताड़क सहमा बचपन देख माँ गाल । ===== 3 तड़ तड़ाक रिश्ता नाजुक टूटा काँच सा कच्चा । ===== 4 हर्ष अपार घन लेकर आये फुही बहार । ===== 5 छन्न संगीत तपान्त करे वर्षा गर्म तवे सी ===== 6 फुही झंकार लगे […]

कविता

आओ ना मॉनसून

  वसंत के मोहक वातावरण में , धरती हंसती , खेलती जवान होती , ग्रीष्म की आहट के साथ-साथ धरा का यौवन तपना शुरू हुआ , जेठ का महीना जलाता-तड़पाता उर्वर एवं उपजाऊ बना जाता , बादल आषाढ़ का उमड़ता – घुमड़ता प्यार जता जाता , प्रकृति के सारे बंधनों को तोड़ता , पृथ्वी को […]

कविता

हाइकु

रात सहती प्रसव टहकना सूर्य ले जन्म । टहकना = थोड़ी थोड़ी देर में दर्द उठना ========== हो गई रात रहस्य सूर्यग्रास गगनांगन । =========== मन उठल्लू स्वार्थ क्षणिक गांठ सोच निठल्लू । =========== अनर्थ शब्द रिश्ता-कश्ती डूबती हद तोड़ती । ========== बने मकान समुंद्र पाट देंगे कचरा भर । ========== दोस्ती दरिया प्यार शंख-सीपियाँ […]