Category : शिशुगीत

  • शिशुगीत – २१

    शिशुगीत – २१

    १. दुर्गापूजा दुर्गापूजा आनेवाली हँसी-खुशी है छानेवाली धूम मचाएँगे मेले में सबके मन को भानेवाली २. विजयादशमी अपने मन में राम बसाओ रावण को हर साल जलाओ विजयादशमी यही सिखाती घर-घर ये संदेश सुनाओ ३. गुलाबी...

  • शिशुगीत – 20

    शिशुगीत – 20

    1. शिक्षक शिक्षक हमें पढ़ाते हैं अच्छी राह दिखाते हैं कभी डाँट भी यदि देते झट फिर प्यार लुटाते हैं 2. आत्मविश्वास खुदपर हो विश्वास तो हर मुश्किल आसान है जिसने समझी बात ये कहलाया भगवान...


  • शिशुगीत – १९

    शिशुगीत – १९

    १. तितली रंग-बिरंगी होती तितली जाने किस पल सोती तितली फूल चमन के जिसदिन सूखें झट उदास हो रोती तितली २. भँवरे भँवरे नहीं तनिक मन भाते भन-भन कर वे मुझे डराते नहीं बूँदभर शहद बनाना...


  • दो शिशु गीत

    दो शिशु गीत

    हाथी पापा चले सैर को हाथी पापा चले सैर को लेकर अपने बाल-गोपाल, एक कहे हम चलें मुंबई, एक कहे हम नैनीताल. इतने में हुआ हरा जो सिग्नल, पापा हुए सड़क के पार, पहुंच न पाए...

  • शिशुगीत – १७

    शिशुगीत – १७

    १. आम का सीजन आया सीजन आम का जीभर के हम खाएँगे छीन गुठलियाँ दीदी से उसको खूब चिढ़ाएँगे २. लीची का बाजार मीठा-मीठा महक उठा फिर लीची का बाजार है जिसदिन घर में आती है...

  • धन्य तुम्हारे भाग

    धन्य तुम्हारे भाग

    अकबर बीरबल का किस्सा, सुनो ध्यान चित्त लाय, अकबर पूछे प्रश्न कई, बीरबल दियो बताय. अकबर ने पूछा, ”कहो, कितने कौवे देश?” बीरबल बोला, ”जी हुजूर, गिनकर कहूं संदेश.” एक लाख हज़ार दस, पांच गिने महाराज,...

  • बच्चों की फुलवारी

    बच्चों की फुलवारी

    फुलवारी मैं फुलवारी, बच्चों की मैं फुलवारी, इन्हें देख मैं खुश हो जाती, भाए इनकी किलकारी. जैसे सुमन मुझे हैं प्यारे, बच्चे भी मुझको प्यारे, इनके बिना मैं सूनी लगती, रात में ज्यों नभ बिन तारे....

  • शिशुगीत – १६

    शिशुगीत – १६

    १. गर्मी   गर्मी का मौसम भारी तपी-तपी धरती सारी खाना-मत उल्टा सीधा झट धर लेगी बीमारी   २. नींबू-पानी   कोला जो बोतलवाला पड़े नही  उससे पाला नींबू-पानी पीयो जी सेहत का है रखवाला  ...