Category : शिशुगीत

  • 17.मेरी प्यारी मां

    17.मेरी प्यारी मां

    (बाल काव्य सुमन संग्रह से) माता मेरी सबसे प्यारी, सारे जग से है वह न्यारी, दुनिया में प्यारी मां जैसा, कोई नहीं होता उपकारी. खुद खाए या नहीं, कभी भी, मुझे न भूखा रखती है, मेरे...

  • 16.नानी आई

    16.नानी आई

    (बाल काव्य सुमन संग्रह से) नानी आई, नानी आई टॉफी-चॉकलेट-बिस्कुट लाई. बेसन के लड्डू और बर्फी, मक्खन-पेड़े और मलाई. सुंदर-सुंदर खेल-खिलौने, नन्हा-सा कम्प्यूटर लाई. झूमूं-गाऊं-नाच दिखाऊं, नानी आई, नानी आई.

  • 15.दीपक

    15.दीपक

    (बाल काव्य सुमन संग्रह से) प्रेम-प्यार का दीपक प्यारा, जग-अंधियारा हरता है. आंधी और तूफानों से भी, तनिक नहीं यह डरता है. खुद जलकर औरों को देता, सुखदाई-तमहारी उजास. इससे सीखें हरदम देना, सबको सुखमय स्नेह-प्रकाश.

  • 14.क्रिसमस

    14.क्रिसमस

    (बाल काव्य सुमन संग्रह से) सांताक्लॉज़ जी आए हैं, क्रिसमस-तोहफे लाए हैं, किसी को गुड़िया, किसी को गुड्डा, टॉफी देने आए हैं. चुनलो अपना एक सितारा, चम-चम-चम जो चमकेगा, हैप्पी क्रिसमस, मैरी क्रिसमस, कहकर दम-दम दमकेगा.

  • 38.आई दिवाली

    38.आई दिवाली

    (बाल काव्य सुमन संग्रह से)   जगमग-जगमग आई दिवाली, प्रेम के दीपक लाई दिवाली, जीवन में खुशियां भरने को, भेंट खुशी की लाई दिवाली. खेल-खिलौने, खील-पटाखे, मेले-मिठाई लाई दिवाली, पूजा-अर्चा, मेल-मिलाप ले, आई दिवाली, आई दिवाली.

  • 13.तभी दशहरा होता है

    13.तभी दशहरा होता है

    (बाल काव्य सुमन संग्रह से) अंधकार से जीते उजाला, तभी दशहरा होता है. शांति की हो विजय नाद पर, तभी दशहरा होता है. प्रेम विजित हो जब ईर्ष्या पर, तभी दशहरा होता है. न्यायी जीते अन्यायी...

  • 12.होली

    12.होली

    (बाल काव्य सुमन संग्रह से) लाल-गुलाबी-नीले-पीले, रंग ले होली आई है. केसर-अबीर-गुलाल सजीले, लेकर होली आई है. तन को रंग लो, मन को रंग लो, जीवन रंगने आई है. टेसू-गेंदा और गुलाब ले, जग महकाने आई...

  • 11.नेहरू चाचा

    11.नेहरू चाचा

    (बाल काव्य सुमन संग्रह से)   नेहरू चाचा, नेहरू चाचा, हम सबके तुम प्यारे चाचा. बच्चों के सम चहके चाचा, लाल गुलाब से महके चाचा. स्वतंत्रता के सैनिक बनकर, सद्गुण-चमक से चमके चाचा. पंचशील की किरणें...

  • 10.बापू

    10.बापू

    (बाल काव्य सुमन संग्रह से) स्वतंत्रता के अथक पुजारी, विश्ववंद्य हे प्यारे बापू, सत्य-अहिंसा-प्रेम-सरलता, जग को सिखाने आए बापू. साक्षरता की जगमग ज्योति, जग में जलाने आए बापू, मानवता की ध्वजा-पताका, फहराने आए थे बापू.

  • 9.इसकी शान बढ़ाएंगे

    9.इसकी शान बढ़ाएंगे

    (बाल काव्य सुमन संग्रह से) नन्हे-नन्हे बालक हैं हम, काम हमारे बड़े-बड़े, छोटे-छोटे कदम हमारे, वार करें हम बड़े-बड़े. हम भारत मां के सपूत हैं, इसकी शान बढ़ाएंगे, अपना तन-मन-धन-जीवन तक, इस पर हंसकर वारेंगे.