कविता

क्षणिका

गरीब
यातना की
रोटी चबाते
संतोष का
पानी पीते
जीते हैं
ऐसे
जैसे
सुखे तालाब में
जीती हैं
मछलियाँ
मुट्ठी भर
पानी में
बारिश के
इंतजार में —–!!

***भावना सिन्हा***

डॉ. भावना सिन्हा

जन्म तिथि----19 जुलाई शिक्षा---पी एच डी अर्थशास्त्र

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