कविता

तेज़ाब पीड़िता …

जाने किस कुसूर की मिलती है सज़ा !

क्यूं चुप है यह समाज और यह जहाँ !

बीत रहे थे मुस्काते मेरे पल  और समाँ !

क्यूं खामोशी और बेबसी से भर दी ज़िंदगी बेवजह!

आइना देखूं तो खुद से सवाल करती है आत्मा !

क्या असली चेहरा यही है समाज का बता !

क्यूं एकतरफा प्यार किसी का  बन गया मेरा गुनाह !

क्या मर्जी से जीने का पुरुषों का हक है जहाँ !

बदसूरत सी ज़िंदगी अपनी लगती मैं जाऊं कहाँ !

घृणा और उपेक्षा से देखी जाती हूँ अब मैं सदा !!!

कामनी गुप्ता ***

 

 

कामनी गुप्ता

माता जी का नाम - स्व.रानी गुप्ता पिता जी का नाम - श्री सुभाष चन्द्र गुप्ता जन्म स्थान - जम्मू पढ़ाई - M.sc. in mathematics अभी तक भाषा सहोदरी सोपान -2 का साँझा संग्रह से लेखन की शुरूआत की है |अभी और अच्छा कर पाऊँ इसके लिए प्रयासरत रहूंगी |

2 thoughts on “तेज़ाब पीड़िता …

  • विजय कुमार सिंघल

    तेज़ाब पीड़ित की व्यथा को आपने अच्छी तरह व्यक्त किया है।

    • कामनी गुप्ता

      बहुत धन्यवाद सर जी

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