कवितापद्य साहित्य

जय दुर्गे माँ (आगमनी)

नव रात्रि एवं दुर्गा पूजा के उपलक्ष में  आगमनी  गीत प्रस्तुत है ,आशा है आपको पसंद आयगा |

 

जय दुर्गे जय दुर्गे जय दुगे माँ

दुःख नाशिनी सुख दायिनी तुम दुर्गमा |

नंदाशक्ति रक्तदंतिका तुम ही गायत्री माँ

दुर्गनाशिनी भय हारिणी मुक्तिदायिनी माँ |

शरद का शिशिर सुन्दर, सुन्दर धरती माँ

तुम्हारे आगमन से हर्षित धरती आसमा |

हर्षित दिशा, हर्षित हवा, हर्षित देव, नरगण

हँसी-ख़ुशी सुख-सौभाग्य का धरा पर आगमन |

लक्ष्मी-सरस्वती आई, साथ आये कार्तिक-गणेश

जगत-जननी आई धरा पर, लेकर साथ महेश |

सुस्वागतम, सुस्वागतम, सुस्वागतम माँ सपरिवार

अभयदायिनी, विपत्तारिणी, स्वागत है माँ बार-बार|

तुम्हारा आगमन है जग का कल्याण, कल्याणी माँ

सदा कृपादृष्टि रखो हम पर, हम निराश्रित हैं माँ |

रोग हरो, शोक हरो, पीड़ा हरो, कष्ट हरो हमारी माँ

तुम हो संकट-मोचनी, कल्याणकारी, मुक्तिदायिनी माँ |

तुम्हारी ही कृपा, सहारा हमारा, दूजा कौन है माँ

करो उद्धार इस विपत्ति से, मुझ पर कृपा बरसो माँ |

जय दुर्गे जय दुर्गे जय दुर्गे माँ …..

दुःख नाशिनी सुख दायिनी तुम दुर्गा मा… |

 

कालीपद ‘प्रसाद’

©सर्वाधिकार सुरक्षित

*कालीपद प्रसाद

जन्म ८ जुलाई १९४७ ,स्थान खुलना शिक्षा:– स्कूल :शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय ,धर्मजयगड ,जिला रायगढ़, (छ .गढ़) l कालेज :(स्नातक ) –क्षेत्रीय शिक्षा संस्थान,भोपाल ,( म,प्र.) एम .एस .सी (गणित )– जबलपुर विश्वविद्यालय,( म,प्र.) एम ए (अर्थ शास्त्र ) – गडवाल विश्वविद्यालय .श्रीनगर (उ.खण्ड) कार्यक्षेत्र - राष्ट्रीय भारतीय सैन्य कालेज ( आर .आई .एम ,सी ) देहरादून में अध्यापन | तत पश्चात केन्द्रीय विद्यालय संगठन में प्राचार्य के रूप में 18 वर्ष तक सेवारत रहा | प्राचार्य के रूप में सेवानिवृत्त हुआ | रचनात्मक कार्य : शैक्षणिक लेख केंद्रीय विद्यालय संगठन के पत्रिका में प्रकाशित हुए | २. “ Value Based Education” नाम से पुस्तक २००० में प्रकाशित हुई | कविता संग्रह का प्रथम संस्करण “काव्य सौरभ“ दिसम्बर २०१४ में प्रकाशित हुआ l "अँधेरे से उजाले की ओर " २०१६ प्रकाशित हुआ है | एक और कविता संग्रह ,एक उपन्यास प्रकाशन के लिए तैयार है !

One thought on “जय दुर्गे माँ (आगमनी)

  • विभा रानी श्रीवास्तव

    जय माता दी

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