कविता

एक सितारा चला गया!!!

कवियों के साथी सच्चे,
आज अटल जी नहीं रहे।
सादे जीवन उच्च विचार के,
थे योद्धा अब नहीं रहे।।

सावन के जाते मेघों संग,
अटल रवि अब चलें गये।
नेताओं के प्यारे,जन प्रिय,
कवि हमारे, नहीं रहे।।

हृदय घायल मन आहत हैं,
एक युग संचालक चलें गये।
जन-जन के प्यारे, संघ दुलारे,
दुष्ट संघारक, नहीं रहे।।

मुस्कानों के फूल खिलाकर,
आदर्शों को आदर्श बनाकर।
जन-जन को आंसू देकर,
अटल बिहारी चलें गये।।

हृदय जौनपुरी

हृदय नारायण सिंह

मैं जौनपुर जिले से गाँव सरसौड़ा का रहवासी हूँ,मेरी शिक्षा बी ,ए, तिलकधारी का का लेख जौनपुर से हुई है,विगत् 32 बरसों से मैं मध्यप्रदेश के धार जिले में एक कंपनी में कार्यरत हूँ,वर्तमान में मैं कंपनी में डायरेक्टर के तौर पर कार्यरत हूँ,हमारी कंपनी मध्य प्रदेश की नं-1 कम्पनी है,जो कि मोयरा सीरिया के नाम से प्रसिद्ध है। कविता लेखन मेरा बस शौक है,जो कि मुझे बचपन से ही है, जब मैं क्लास 3-4 मे था तभी से