मुक्तक/दोहा मोहब्बत विक्रम कुमार 22/06/201901/07/2019 हुआ आगाज भी न था मगर अंजाम लिख डाला सुबह तेरी इबादत की तुझे ही शाम लिख डाला तू दिल पे छा गई ऐसा मेरे पहली नजर में ही मोहब्बत की कलम से दिल पे तेरा नाम लिख डाला