मुक्तक/दोहा

कोरोना प्राणघातक है ।

कुछ मुक्तक

१)

कोरोना प्राण घातक है, चलो यह जानते हैं सब ।
दवा  कोई नहीं  इसकी, चलो यह मानते हैं सब ।।
सजग हो राष्ट्र की जनता,कोरोना को भगाए गी ।
सुरक्षा हो नियति अपनी,चलो यह ठानते हैं सब ।।

२)
जलबा एक जुटता का, दिखाना है बहुत लाजिम ।
समर्पित राष्ट्र हित में सब,बताना है बहुत लाजिम ।।
कोरोना  को  मिटाने  राष्ट्र  में,  तत्पर  सभी  बैठे ।
नगाड़े और ध्वनियों से, चेताना  है बहुत लाजिम ।।

३)

नहोता और कुछ बेशक,पता इतना तो चलता है ।
पमर्पित राष्ट्र  में होने को, हर आंगन  मचलता है ।।
उतारेंगे सभी मिलकर, भवानी मातु का यह रिंण ।
इसी उद्देश्य को लेकर के,जन मानस ये चलता है ।।

क्रांति पांडेय “दीपक्रांति”