इतिहास

54 वर्षीय नेशनल अवार्डी अभिनेता इरफान खान नहीं रहे

“बीहड़ में बागी होते हैं, डकैत मिलते हैं पार्लियामेंट में !
देश के लिए दौड़े तो किसी ने ना पूछा !
अब बागी बन गए, तो इही नाम जप रहे हैं, पान सिंह, पान सिंह !”

हाँ, पान सिंह तोमर यानी अभिनेता इरफान खान ।

टीवी सीरियल ‘चंद्रकांता’ के बद्रीनाथ, फ़िल्म ‘पानसिंह तोमर’ में अभिनय के लिए राष्ट्रीय फ़िल्म पुरस्कार प्राप्ति सहित कई हिंदी फिल्मों में काम किये। ‘हिंदी मीडियम’, ‘लंच बॉक्स’, ‘जुरासिक पार्क’, ‘तलवार’, ‘न्यूयॉर्क’ सहित अब तो फ़िल्म ‘अंग्रेजी मीडियम’ की शूटिंग में संलग्न थे। वे राजस्थान के रहनेवाले थे।

कई न्यूज़ एजेंसियों के हवाले से खबर है, कैंसर न्यूरोएंडोक्राइन ट्यूमर से जंग लड़ रहे अभिनेता इरफान खान की तबीयत एक बार फिर बिगड़ गई थी, जिसके चलते उन्हें अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। इलाज के दौरान इरफान खान ने अस्पताल में आखिरी सांस ली और दुनिया को अलविदा कह दिया। इरफान की उम्र 53 साल, 3 माह और 22 दिन ही रही ? इससे पहले इरफान के अचानक अस्पताल में भर्ती होने के बाद अफवाहों का बाजार गर्म हुआ, खबरें आने लगीं कि एक्टर की मौत हो गई है । जिसपर उनका परिवार काफी नाखुश है, फिर एक बयान जारी किया था । जिनमें कहा गया कि इस तरह की अफवाहें फैलाना बेहद असंवेदनशील रवैया है । इरफान के प्रवक्ता की ओर से जारी एक बयान में कहा गया था कि उनकी सेहत को लेकर इस तरह के कयास लगाए जाना बेहद दुखद है। हम उन लोगों को सम्मान करते हैं, आभार व्यक्त करते हैं जो इस समय इरफान की सेहत को लेकर चिंतित हैं, लेकिन उनकी सेहत को लेकर फैलाई जा रही अफवाहें काफी तकलीफ दे रही हैं ।इरफान एक स्ट्रांग शख्सियत हैं और वो लड़ रहे हैं, परंतु अफवाहों के बाद ज्ञात हो कि इरफान खान एक बार फिर अस्पताल में भर्ती हुए थे। उन्हें मुंबई के कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी अस्पताल में भर्ती कराया गया था । पेट में आई अकस्मात दर्द के कारण इरफान की तबीयत काफी बिगड़ गई थी, जिसके चलते उन्हें ICU में भर्ती कराया गया था, जहां उनकी पत्नी सुतापा सिंकदर और 2 बेटे उनके साथ थे।

तीन दिन पहले ही उनकी माँ की मृत्यु जयपुर में हो गई। इरफान अपनी मां के खोने का शोक मना रहे थे। अभिनेता की मां सईदा बेगम ने शनिवार को जयपुर में अंतिम सांस ली, जहां वह रहती थी और 95 वर्षीया थी। हालांकि लॉकडाउन चलते अभिनेता शारीरिक रूप से अपनी मां के अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हो सके। उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मां का अंतिम संस्कार किया ! अचानक तबीयत खराब होने से उन्हें मुंबई के कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। कई घंटों तक मौत से जूझने के बाद उनका निधन (29 अप्रैल 2020) हो गया।

अब स्वर्गीय अभिनेता इरफान खान ने इसी साल मार्च महीने में मुंबई मिरर को दिए एक साक्षात्कार में कहा था कि मेरे लिए ये दौर रोलर-कोस्टर राइड जैसा रहा, जिसमें हम थोड़ा रोए और ज्यादा हंसे। उन्होंने कहा कि इस दौरान मैं बहुत ही भयंकर बेचैनी से गुजरा, लेकिन कहीं न कहीं मैंने उसे कंट्रोल किया । ऐसा लग रहा था मानो कि आप लगातार अपने साथ हॉपस्‍कॉच खेल रहे हो।

सिर्फ बॉलीवुड ही नहीं, हॉलीवुड में भी अपने अभिनय से लोगों के दिलों में राज करने वाले इस अभिनेता ने दुनिया को अलविदा कह दिया है। मुंबई के कोकिलाबेन अस्पताल में उन्होंने आखिरी सांस ली। तिथि 28 अप्रैल को उन्हें कॉलन इन्‍फेक्‍शन की शिकायत पर भर्ती करवाया गया था। लंबे समय तक ब्रेन कैंसर से लड़ रहे इरफान पिछले साल ही लंदन में इलाज करवा कर वतन लौटे थे। कैंसर से लड़ते हुए उन्होंने मई 2019 में मीडिया के लिए एक चिट्ठी लिखी थी ।इस चिट्ठी में इरफान ने लिखा था, पिछले कुछ महीने सेहत में सुधार हो रहे हैं। असल जिंदगी का सामना करने के लिए थकान से लड़ रहे हैं। मैं आपकी फिक्र से वाकिफ हूं और जानता हूं, आपने मुझे बात करने व अपना सफर आपसे साझा करने की गुजारिश की, लेकिन मैं अभी खुद को गहराई से नाप रहा हूं, जो अविरामभाव से है यानी लघुता से आगे बढ़ रहा हूं और कोशिश कर रहा हूं कि सेहत के इस सुधार और काम को एक कर दूं । आपकी दुआओं ने मेरे दिल को छुआ है और यह मेरे लिए बहुत मायने रखता है । जिस तरह से आपने मुझे बीमारी से उबरने के लिए समय दिया । मेरी प्राइवेसी को इज्जत बख्शा, एतदर्थ मैं आपका बहुत सम्मान करता हूं। इस धीरज, प्यार और अपनेपन के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद। इस भावुक संदेश के बाद उन्होंने अंग्रेजी लेखक Rikle को उद्धृत किया- ‘I feel an urge to share with you something. I live my life in widening rings which spread over earth and sky. I may not ever complete the last one, but that is what I will try. I circle around God’s primordial tower, and I circle ten thousand years long and I still don’t know if I’m a falcon, a storm, or an unfinished song.’

पूरे देश उनकी अदा पर नतमस्तक रहते थे । मृत्यु पर विजय कोई नहीं पा सका है ! महानायक अमिताभ बच्चन सहित कई अभिनेताओं और राजनेताओं ने इसे मर्मभेदी खबर बताकर ‘इरफान’ की मृत्यु पर अंतस दुःख और शोक व्यक्त किया। सादर श्रद्धांजलि । आपको शत-शत नमन।

डॉ. सदानंद पॉल

एम.ए. (त्रय), नेट उत्तीर्ण (यूजीसी), जे.आर.एफ. (संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार), विद्यावाचस्पति (विक्रमशिला हिंदी विद्यापीठ, भागलपुर), अमेरिकन मैथमेटिकल सोसाइटी के प्रशंसित पत्र प्राप्तकर्त्ता. गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स होल्डर, लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स होल्डर, इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, RHR-UK, तेलुगु बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, बिहार बुक ऑफ रिकॉर्ड्स इत्यादि में वर्ल्ड/नेशनल 300+ रिकॉर्ड्स दर्ज. राष्ट्रपति के प्रसंगश: 'नेशनल अवार्ड' प्राप्तकर्त्ता. पुस्तक- गणित डायरी, पूर्वांचल की लोकगाथा गोपीचंद, लव इन डार्विन सहित 12,000+ रचनाएँ और संपादक के नाम पत्र प्रकाशित. गणित पहेली- सदानंदकु सुडोकु, अटकू, KP10, अभाज्य संख्याओं के सटीक सूत्र इत्यादि के अन्वेषक, भारत के सबसे युवा समाचार पत्र संपादक. 500+ सरकारी स्तर की परीक्षाओं में अर्हताधारक, पद्म अवार्ड के लिए सर्वाधिक बार नामांकित. कई जनजागरूकता मुहिम में भागीदारी.