कविता

सावधानी

जीवन के हर हिस्से में
सावधानी जरुरी है,
सबको पता है
सावधानी हटी ,दुर्घटना घटी
शायद इसीलिए कहा भी जाता है
सावधानी ही बचाव है।
सच ही तो है
बहुत बार हमारी
जरा सी असावधानी
जीवनभर के घाव भी दे जाती है,
वहीं छोटी छोटी सावधानी
जीवन में नये मुकाम दे जाती है।
आजकल सबको
सही मायनों में सावधानी का
मतलब समझ में आया है,
इस महामारी नें कम से कम
एक बड़ी आबादी को
सावधानी का पाठ तो पढ़ाया ही है।
जरा सी सावधानी से
मौत को भी मात दे देते हैं,
जरा सी असावधानी से
जीवन तक को
संकट में डाल लेते हैं।
जीवन के हर हिस्से में
सावधानी प्रभाव डालती है,
अपनी अहमियत का
अहसास तो कराती ही है।
सावधानी का सूत्र सब
गाँठ बाँध लीजिये,
सावधानी को जीवन में
सहचर्य बना लीजिये।

*सुधीर श्रीवास्तव

शिवनगर, इमिलिया गुरूदयाल, बड़गाँव, गोण्डा, उ.प्र.,271002 व्हाट्सएप मो.-8115285921