कविता

कविता

तू अपने विचार मुझे दे दे,
आज सारे पन्नों में उतर जाने दे।
संवेदनाएं दिलों तक पहुंच जाएंगी
बुरे ख्याल जिंदगी से चले जाने दे।
माना की आज मन बहुत उदास है,
 कल के लिए सूरज उग जाने दे।
बहुत मजबूरियों ने जन्म लिया,
इस निर्मम वक्त को भी भूल जाने दे
अवसाद में जीना, प्रतिक्षा नहीं होती,
आशाओं को अवसर बन जाने दे।
भरोसे का मापदंड कोई हो नहीं सकता
अंतिम श्वास में रिश्ता निभ जाने दे।
बदलेगा वर्तमान, सम्हल जाएंगे हालात,
अंतस को ऊर्जावान बन जाने दे।
— प्रणाली श्रीवास्तव

प्रणाली श्रीवास्तव

युवा कवयित्री व गीतकार जनपद-सहडोल,मध्य प्रदेश