कविता

जागो समाज के कर्णधार

जागो जागो समाज के कर्णधार
बेटियों पर हो रही है अत्याचार
मानवता हो रही है शर्मसार
मौन बैठी है देख सरकार

हो रही है बच्चियों का  बलात्कार
अपराध क्यूॅ नहीं रूक रही है यार
खबरे छापती है रोज अखबार
बहस टीवी पर छिड़ी जोरदार

विरोध में दीख रही गाँव  जवार
जागो नींद से रे निकम्मी दरबार
वोट पाने की बस है तुम्हें जुगाड़
जनता पहनाऍगी माला तुम्हें हार

उखाड़ फेंक देगी चुनाव में इसबार
बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ है झुठी प्रचार
उठो समाज के भावी कर्षधार
नही संभाल पा रही है वर्तमान सरकार

— उदय किशोर साह

उदय किशोर साह

पत्रकार, दैनिक भास्कर जयपुर बाँका मो० पो० जयपुर जिला बाँका बिहार मो.-9546115088