मुक्तक/दोहा

मुश्किल सी यह ज़िंदगी

मुश्किल सी यह ज़िंदगी, अनसुलझे से काज।
कटने से कटती नहीं, बोझ बनी है आज।।
दिन उलझन में बीत के, करता भीतर घात।
चिंता करबट ले रही, नींद नहीं है रात।।
सत्य झूठ के बीच में, खोज रही है ज्ञान।
मुश्किल सी यह ज़िंदगी, कैसे करें निदान।।
किस को अपना मान लें,किस पर हो विश्वास।
ढूंढ रही है ज़िंदगी, कौन यहां है खास।।
करते सब परिहास हैं, मानव की यह जात।
मन की मन में रह ग‌ई, किस से करिये बात।।
दिल को छननी कर रहे, चुभें तीर से बैन।
नफरत में अब प्रेम को, तरस रहे हैं नैन।।
मुश्किल सी यह ज़िंदगी, कौन निभाए साथ।
अपना बन के मीत अब, कौन थाम ले हाथ।।
रख भरोसा राम का, वह है तारन हार।
मुश्किल सी ‘शिव’ ज़िंदगी, होगी भव से पार।।

— शिव सन्याल

*शिव सन्याल

नाम :- शिव सन्याल (शिव राज सन्याल) जन्म तिथि:- 2/4/1956 माता का नाम :-श्रीमती वीरो देवी पिता का नाम:- श्री राम पाल सन्याल स्थान:- राम निवास मकड़ाहन डा.मकड़ाहन तह.ज्वाली जिला कांगड़ा (हि.प्र) 176023 शिक्षा:- इंजीनियरिंग में डिप्लोमा लोक निर्माण विभाग में सेवाएं दे कर सहायक अभियन्ता के पद से रिटायर्ड। प्रस्तुति:- दो काव्य संग्रह प्रकाशित 1) मन तरंग 2)बोल राम राम रे . 3)बज़्म-ए-हिन्द सांझा काव्य संग्रह संपादक आदरणीय निर्मेश त्यागी जी प्रकाशक वर्तमान अंकुर बी-92 सेक्टर-6-नोएडा।हिन्दी और पहाड़ी में अनेक पत्रिकाओं में रचनाएं प्रकाशित होती रहती हैं। Email:. Sanyalshivraj@gmail.com M.no. 9418063995