कविता

हमराही

एक दूसरे पर कर अटूट विश्वास,
जीतने अपने सपनों का आकाश,
चले जो हम तुम सहर्ष साथ-साथ,
थाम हाथों में एक दूजे का हाथ ।

आशाओं का सूर्य चमका बीती रात,
आया जीवन में “आनंद” सुप्रभात,
खुशियों की हुई सुरीली चहचहाहट,
मिले हम तुम तो हुई जगमगाहट ।

बढाएं कदम दर कदम फिर पॉंव,
उत्साह की लहरों का सुखी बहाव,
मिली ख्वाहिशों को सुंदर पहचान,
हमने मिलकर भरी मन की उडा़न ।

अपना साथ यूँ ही रहे सदा शानदार,
प्यार भरी दुनिया का मजबूत आधार,
हर लम्हा महक बिखरे गुलाबों सी,
जोडी़ रहे यादगार राधा माधव सी ।

समुंदर सा गहरा स्वछंद आसमान सा,
हमराही अपना सफ़र पूनम के चाँद सा,
दीया बाती जैसे हम तुम जीवन साथी,
सच्चा प्यार हमारा उम्र भर का है साथी ।

— मोनिका डागा “आनंद”

*मोनिका डागा 'आनंद'

चेन्नई, तमिलनाडु