कविता

तुम अगर साथ हो

तुम बिन अधूरा मेरा जीवन है
तुम अगर साथ हो तो जीवन पूर्ण है

सारे संसार की खुशियों तुम पर वारते है
साथ चलने का वादा जिंदगी भर का करते है

तुम जहां जाओ साथ तुम्हारे रहना है
काटें हो चाहें राहों में साथ तुम्हारे चलना है

मेरा तुम्हारा साथ तो जन्मजन्मांतर का है
तुम से शुरू जिंदगी तुमसे ही खत्म है

सुख ,दुख में साथ निभाते चलना है
जिन्दगी में एक दूजे का हाथ थाम कर चलना है.

— पूनम गुप्ता

पूनम गुप्ता

मेरी तीन कविताये बुक में प्रकाशित हो चुकी है भोपाल मध्यप्रदेश