लघुकथा

भाई भाई

सुरेश और रमेश दोनों सगे भाई एक ही शहर में रहते थे, अलग-अलग जगह पर, अच्छी नौकरी करते थे और हर तरह से सुखी संपन्न थे ,लेकिन आपस में मिलना जुलना और बोलचाल बिल्कुल बंद थी।
दोनों का बचपन का प्यार ना जाने कहां खो गया था। जब तक माता-पिता का साया सर पर था सब कुछ ठीक था।
आज जब रमेश काम से घर लौटा,बहुत खुश था,आज उसे अपने काम में बहुत बड़ी कामयाबी मिली थी, उसकी प्रमोशन भी हो गई थी ,और उसे वेतन में वृद्धि भी दी गई थी।
इसी खुशी में वह आज अपने परिवार के साथ किसी बड़े होटल में डिनर करने के लिए घर से निकला, पर जैसे ही उसने होटल में प्रवेश किया तो उसने पत्नी से बोला और कहीं चलते हैं, यहां तो सुरेश भैया अपने परिवार के साथ डिनर कर रहे हैं, और मैं उनके मुंह नहीं लगना चाहता। वह तो मेरी तरक्की सुनकर भी जल भुन जाएंगे,
रमेश अपने परिवार को लेकर दूसरे होटल की तरफ चल दिया। रास्ते भर यही सोचता रहा की भाभी की बातों में आकर उन्होंने मेरे साथ क्या कुछ नहीं किया , मुझे अलग घर में रहने के लिए मजबूर किया और पिता का पैतृक मकान भी अपने नाम करवा लिया था।
देर रात जब रमेश डिनर कर कर अपने परिवार के साथ लौट रहा था तो रास्ते में भीड़ देखकर रुक गया, पता चला कि कोई ट्रक वाला एक कार को टक्कर मार कर भाग गया है। अरे पर यह क्या यह तो सुरेश भाई की गाड़ी है। परमात्मा का शुक्र है की भाभी और बच्चों को पिछली सीट पर गंभीर चोट नहीं आई, लेकिन सुरेश भैया के सिर पर चोट लगी थी।खून बह रहा था, भाभी मदद के लिए चिल्ला रही थी, पर कोई आगे नहीं आ रहा था। रमेश आगे बड़ा, उसने तुरंत टैक्सी बुलाकर बाकी सब को अपने घर भेज दिया और भैया को लेकर सीधा बड़े अस्पताल पहुंच गया।
सुरेश का काफी खून बह चुका था, लेकिन समय पर अस्पताल पहुंचने पर इलाज शुरू हो गया, बड़े भैया का तुरंत ऑपरेशन किया गया और रमेश ने इस समय उन्हें रक्तदान भी किया।
ऑपरेशन सफल रहा और भैया तीन-चार दिन के बाद घर आ गए।
अपना खून अपना ही होता है और समय पर जरूर बोलता है।
स्वास्थ्य लाभ होते ही सुरेश भैया ने अपने घर के ऊपर दूसरी मंजिल में एक और पूरा घर बनवा दिया ।अब दोनों भाई फिर से मिलकर एक साथ रहते हैं और दोनों में पूरा प्यार है।
परिवार में छोटी-छोटी बातों को लेकर कोई मनमुटाव पैदा ना करें, अपना खून अपना ही होता है और समय पर जरूर बोलता है।

— जयप्रकाश भाटिया

जय प्रकाश भाटिया

जय प्रकाश भाटिया जन्म दिन --१४/२/१९४९, टेक्सटाइल इंजीनियर , प्राइवेट कम्पनी में जनरल मेनेजर मो. 9855022670, 9855047845