यादें
कुछ याद आता है
कुछ भूल जाता हूं
बीते वो दिन…
बचपन की मस्ती
वो झगड़े/
वो अलगाव/
वो वादे।
कुछ याद आता है
कुछ भूल जाता हूं
बीते वो दिन…
हंसी सपने
वो अपने/
वो टूटा घर/
वो फूटा आंगन/
वो सावन ।
कुछ याद आता है
कुछ भूल जाता हूं ।
— मुकेश कुमार ऋषि वर्मा
