रेशम की डोरी
हर कलाई की है चाहत
बँधी हो उसपर कोई रेशम की डोरी
सजाई हो बहिना ने बड़े प्यार से
चाहत रह गई अधूरी
भाई है तो बहिन नहीं
बहिन है तो भाई नहीं
कलाई रह गई सूनी
माथा तरस रहा
भइया दौज के टीके को
हर कलाई की है चाहत
बँधी हो उसपर कोई रेशम की डोरी
सजाई हो बहिना ने बड़े प्यार से
चाहत रह गई अधूरी
भाई है तो बहिन नहीं
बहिन है तो भाई नहीं
कलाई रह गई सूनी
माथा तरस रहा
भइया दौज के टीके को