जीवन की पाठशाला
सीखा हमने जीने का मंत्र,
जीवन की पाठशाला में,
देशप्रेम की ज्वाला धधकी,
वीर रस पगी कहानियों में।।
जीवन में हो हंसी खिलखिलाहट,
जाना प्रकृति और पर्यावरण से,
सीखा हमने मिलजुलकर रहना,
परोपकारार्थ हो अपना जीवन।।
जीवन की पाठशाला में पाया,
ममता, दुलार मां के आँचल में,
आत्मीयता छाँव, प्रेम, आशिष,
स्नेह झंकार, मिले दुआओं में।।
जीवन की पाठशाला में,
मानवता एहसास संस्कारों में,
जीवदया, करुणा धर्म भाव में,
दान, पुण्य कर्म, मनमंदिर में।।
सागर से गहरी समावेशकता,
धारा से निरंतर गतिमानता,
रवि किरणों से उजास ऊर्जित,
चंदा की चांदनी सी शीतलता।।
