अवैैध सम्बन्ध
यह सम्बन्ध संसार का एक मात्र ऐसा अनोखा सम्बन्ध है,
जिसमे ना तो कोई जाति देखता है,न ही धर्म,न अमीरी न ही गरीब, किसी प्रकार का भेदभाव नही सिर्फ लोग अच्छे जिस्म देखते है।
समाज में ऐसे बहुत सारे लोग है जो जिन जाति के लोगो का छुआ खाना की तो बात ही छोड़ दो पानी नही पीते और न ही साथ उठना – बैठना पसंद करते है, उन लोगों को भी अगर उसी जाति की सुन्दर लड़कियों के साथ सोने को मिल जाये तो पानी की तो बात छोड़ ही दो ,वे उनके तलवे भी चाट लेंगे। और लड़की के जाति से चाहे जितनी नफरत करते हो, बंद कमरे में वों उसके चरणो में गिर जाएंगे।
इन जिस्म के प्यासे लोगों ने कहावत भी बना रखी है-
” छूत लोटियम होति है,बिटियम नाय!
मुझे घिन्न आती है, समाज में व्याप्त ऐसे हवसी लोगों से ।
कहने को तो ये लोग बहुत बर्चस्व बनाते है,लेकिन इन लोगों के पास जमीर नही होता है । ये दोगले लोग समाज में सिर्फ धर्म, जाति, समुदाय के नाम पर छुआ – छूत का ढकोसला करते है, बाकी भीतर से इनकी मानसिकता कैसी है किसी से छिपा नही है।
— प्रशांत अवस्थी “रावेन्द्र भैय्या”
