चापलूसी
कौन सुनता है
आज उसकी पीड़ा,
जिसे चापलूसी करना नहीं आता,
क्योंकि उनको तो बस यही भाता है।
अच्छा है सीख लो चापलूसी करना
उस ईश्वर की,
जो है सबका दाता,
और आपका भी कुछ नहीं जाता।
कौन सुनता है
आज उसकी पीड़ा,
जिसे चापलूसी करना नहीं आता,
क्योंकि उनको तो बस यही भाता है।
अच्छा है सीख लो चापलूसी करना
उस ईश्वर की,
जो है सबका दाता,
और आपका भी कुछ नहीं जाता।