पिता से ज्यादा अमीर दुनिया में कोई नहीं
हाथ का स्पर्श,
साया बनकर ढाँकता है,
स्नेह की गर्मी।
रात की चुप्पी,
सपनों को सजाता है,
ममता की छाया।
पहली सीढ़ी,
चलना सिखाए धैर्य से,
सफलता पाये।
मुस्कान उसकी,
तनाव को दूर भगाए,
मन को शांति दे।
ज्ञान का दीपक,
राह दिखाए अंधेरों में,
जागे उम्मीद।
संकट की घड़ी,
हौसला देकर संभाले,
साहस जगाए।
जीवन की राह में,
अनमोल अनुभव बाँटे,
ज्ञान की धारा।
कदमों की छाप,
सपनों को मार्ग दिखाए,
विश्वास बढ़ाए।
साथ चलने वाला,
अनजाना लेकिन सशक्त,
सपनों का साथी।
स्नेहिल स्पर्श,
अभावों में धन दे,
हृदय अमीर।
समय की कीमत,
सबक देकर सिखाए,
संघर्ष की राह।
सपनों की उड़ान,
संरक्षण का पंख दे,
विश्वास अडिग।
बचपन की यादें,
स्नेह के खजाने बनें,
दिल में बसे।
संघर्ष की सीख,
जीवन में दिशा दिखाए,
अनमोल उपहार।
— डॉ. अशोक, पटना
