हाइकु/सेदोका

आंखों से देखने की ख्वाहिश

खामोश दरीचे,
रोशनी के संग उड़ते,
अधूरे सपने।

हवा ने छू ली,
पलकों की नींद गहरी,
चाँद मुस्कुराए।

झील की लहरें,
तस्वीरें बोल उठीं,
मन खो गया है।

बारिश की बूंद,
स्मृतियों की छतरी में,
भीगती रूहें।

सांझ का सन्नाटा,
दूर कहीं दीप झिलमिल,
अंधेरा बोले।

मन के आईने,
दिखलाएँ अधूरी राह,
ख्वाब पिघलते।

पलकों की सरहद,
चाहत के उस पार है,
सूरज ठहरा है।

आंखों की मिट्टी,
ढूँढे अनकहे चेहरे,
रात बताती।

छू लो उजियारा,
सुनो धूप की आवाज़,
मन फिर जागेगा।

एक ख्वाहिश सी,
आंखों से देखने की—
जीवन कविता।

— डॉ. अशोक

डॉ. अशोक कुमार शर्मा

पिता: स्व ० यू ०आर० शर्मा माता: स्व ० सहोदर देवी जन्म तिथि: ०७.०५.१९६० जन्मस्थान: जमशेदपुर शिक्षा: पीएचडी सम्प्रति: सेवानिवृत्त पदाधिकारी प्रकाशित कृतियां: क्षितिज - लघुकथा संग्रह, गुलदस्ता - लघुकथा संग्रह, गुलमोहर - लघुकथा संग्रह, शेफालिका - लघुकथा संग्रह, रजनीगंधा - लघुकथा संग्रह कालमेघ - लघुकथा संग्रह कुमुदिनी - लघुकथा संग्रह [ अन्तिम चरण में ] पक्षियों की एकता की शक्ति - बाल कहानी, चिंटू लोमड़ी की चालाकी - बाल कहानी, रियान कौआ की झूठी चाल - बाल कहानी, खरगोश की बुद्धिमत्ता ने शेर को सीख दी , बाल लघुकथाएं, सम्मान और पुरस्कार: काव्य गौरव सम्मान, साहित्य सेवा सम्मान, कविवर गोपाल सिंह नेपाली काव्य शिरोमणि अवार्ड, पत्राचार सम्पूर्ण: ४०१, ओम् निलय एपार्टमेंट, खेतान लेन, वेस्ट बोरिंग केनाल रोड, पटना -८००००१, बिहार। दूरभाष: ०६१२-२५५७३४७ ९००६२३८७७७ ईमेल - ashokelection2015@gmail.com