आत्मानुशासन
सूरज की किरणें
धीरे-धीरे मन को छूतीं
धैर्य सिखातीं
पत्थरों की राह
कदम संभलकर चलते हैं
संतुलन सिखाती
हवा की सरसराहट
पत्तों को छूती धीरे
शांति का संदेश
चाँदनी रात में
सन्नाटे की गूँज सुनाई
धैर्य का अहसास
फूलों की खुशबू
रास्ते पर बिखरी धीरे
सहजता सिखाए
पक्षी उड़ते आकाश में
आशा की उड़ान दिखाए
मन को प्रेरित करें
घंटा दूर बजा
समय की अहमियत बताए
संगति बनाए रख
छाया आगे बढ़े
मन की यात्रा संग चले
अनुभव दे जाए
कदम थमे नहीं
अंधेरों में रोशनी खोजें
सफलता पास आए
सुरभि हवा का
चेहरे को हल्के छू गया
शांति महसूस हो
आत्मानुशासन
सपनों तक धीरे पहुँचे
धैर्य और प्रेम सिखाए
— डॉ. अशोक
