कविता

नौ संकल्प

मेरे प्रिय देशवासियों करता हूॅं करबद्ध आपसे अपील,
मेरे संग आप भी नौ संकल्प लो ये है गहन चिंतनशील,
पहला संकल्प हमें करना है जल का उचित संरक्षण,
जल की एक बूॅंद नहीं हो बर्बाद कीमती हर जल कण ।

दूसरा संकल्प अपने जीवन काल में हम वृक्ष लगाएं,
जलवायु को शुद्ध स्वच्छ हरी-भरी स्वास्थवर्धक बनाएं,
तीसरा संकल्प कम से कम एक गरीब को दे जीवन,
शुभ मानवता के संस्कारों से सजाएं अपना तन मन ।

चौथा संकल्प देश की अर्थव्यवस्था को करें हम उन्नत,
स्वदेशी अपनाएं वोकल फॉर लोकल आगे बढ़े भारत,
पांचवा संकल्प नेचुरल फॉर्मिग को हम दे प्रोत्साहन,
उपजे अन्न गुणकारी धरती से हर फसल हो मनभावन ।

छटा संकल्प हो स्वस्थ जीवन शैली और शुद्ध विचार,
पर्याप्त हो नींद, तनावरहित जीवन व संतुलित आहार,
सातवां संकल्प नियमित योग व्यायाम को हम अपनाएं,
भविष्य के निर्माताओं और स्वयं को सशक्त हम बनाएं ।

आठवां संकल्प प्राचीन पांडुलिपियों का हो संरक्षण,
हमारी अनमोल सांस्कृतिक विरासत भविष्य मार्गदर्शन,
नवां आखिरी अंति महत्वपूर्ण संकल्प तुमसे है वंदन,
भारत के कम से कम 25 तीर्थ स्थलों का करो दर्शन ।

प्यारे देशवासियों तुमने मेरा हर पल खूब साथ दिया,
मातृभूमि का सेवक मोदी कहता हूॅं जोश तुमने दिया,
हर देशप्रेमी अपना कर्तव्य निभाएं “आनंद” पूरे मनसे,
ये इतनी सी अरदास भी तुमसे और आस भी है तुमसे ।

— मोनिका डागा “आनंद”

*मोनिका डागा 'आनंद'

चेन्नई, तमिलनाडु