हाइकु/सेदोका

पापा जैसे आपकी मर्जी

सुबह की धूप में
पापा की सीख चमके
राहें आसान।

धीमी हवाओं में
उनकी बोली की गर्मी
मन को संवारें।

चलते कदमों में
उनका साहस मिलता
डर दूर भागे।

बरसात आए जब
उनकी छतरी बनती
ममता की छाया।

ठंडी रातों में
उनकी हँसी जगाती
दिल की उजियारी।

पापा की बातें
सीढ़ियाँ बनकर दें
ऊँचे सपनों को।

गलत राहों से
वो धीरे मोड़ लेते
बिन डाँट–फटकार।

मेरी उलझनों में
उनकी चुप मुस्कान
सब हल कर देती।

पापा जैसे हों
हर चाहत की मंज़िल
मन की रोशनी।

आपकी मर्जी पर
ये जीवन चल पड़ता
विश्वास समेटे।

पापा के साये में
हर मौसम सुंदर
हर कदम सही।

— डॉ. अशोक

डॉ. अशोक कुमार शर्मा

पिता: स्व ० यू ०आर० शर्मा माता: स्व ० सहोदर देवी जन्म तिथि: ०७.०५.१९६० जन्मस्थान: जमशेदपुर शिक्षा: पीएचडी सम्प्रति: सेवानिवृत्त पदाधिकारी प्रकाशित कृतियां: क्षितिज - लघुकथा संग्रह, गुलदस्ता - लघुकथा संग्रह, गुलमोहर - लघुकथा संग्रह, शेफालिका - लघुकथा संग्रह, रजनीगंधा - लघुकथा संग्रह कालमेघ - लघुकथा संग्रह कुमुदिनी - लघुकथा संग्रह [ अन्तिम चरण में ] पक्षियों की एकता की शक्ति - बाल कहानी, चिंटू लोमड़ी की चालाकी - बाल कहानी, रियान कौआ की झूठी चाल - बाल कहानी, खरगोश की बुद्धिमत्ता ने शेर को सीख दी , बाल लघुकथाएं, सम्मान और पुरस्कार: काव्य गौरव सम्मान, साहित्य सेवा सम्मान, कविवर गोपाल सिंह नेपाली काव्य शिरोमणि अवार्ड, पत्राचार सम्पूर्ण: ४०१, ओम् निलय एपार्टमेंट, खेतान लेन, वेस्ट बोरिंग केनाल रोड, पटना -८००००१, बिहार। दूरभाष: ०६१२-२५५७३४७ ९००६२३८७७७ ईमेल - ashokelection2015@gmail.com