गीत/नवगीत

दुःख के दिन भी कट जायेंगे

आँखों से आंसू उतर रहे
खुशियों के मोती बिखर रहे
फिर भी एक भरोसा है कि, तम के बादल छट जायेंगे
दुःख के दिन भी कट जायेंगे!!1!!

माना जीवन आसान नहीं
थक जाना समाधान नहीं
इन आँखों की पुतलियों में, स्वप्न सुनहरे अट जायेंगे
दुःख के दिन भी कट जायेंगे!!2!!

इस जन्म मरण के बंधन में
स्थिर उल्लास या क्रन्दन में
क्षणभंगुर जीवन का हर पल, हँसने रोने में बट जायेंगे
दुःख के दिन भी कट जायेंगे!!3!!

— योगेंद्र पांडेय

योगेंद्र पांडेय

जन्म तिथि : 28/05/1997 जन्म स्थान : सलेमपुर, देवरिया, उत्तर प्रदेश पिता : श्री रमेश पांडेय, माता : आशा पांडेय शैक्षिक योग्यता : M. A (English/Hindi), B.Ed व्यवसाय: अध्यापक विधा : छंद, कविता, गीत, ग़ज़ल, मुक्तक रस : वीर रस और श्रृंगार रस सम्मान: साहित्य केतु सम्मान, प्रेमचंद श्रीवास्तव स्मृति सम्मान तथा चंद्रशेखर सम्मान विशेष: विभिन्न राष्ट्रीय काव्य मंचों से काव्यपाठ, विभिन्न राष्ट्रीय व अन्तराष्ट्रीय पत्र पत्रिकाओं से प्रकाशित, आकाशवाणी और दूरदर्शन पर काव्यपाठ मोबाईल नम्बर:6394893753 email:yogendrap974@gmail.com