खरमास और मलमास
साल में 12 मास तो होते सारी दुनिया इसे जानती
पर खर मास किसे कहते हैं इसे जानने की है जरूरत
सूर्य के धनु और मीन राशि में आने पर खरमास कहाता
उत्तरायण होते सूर्य देव मांगलिक कार्य किया तब जाता
पौराणिक है कथा हमारी अश्व सूर्य के गजब थे प्यासे
उन्होंने घोड़े हटाकर अपने 2 खर अपने रथ में थे बांधे
वह धीरे-धीरे चलते थे इसलिए तेज सूर्य का मंद हो गया
16 दिसंबर के आते ही खरमास का प्रारंभ हो गया
साल में दो बार ही आता धनुराशि में और मीन राशि में
धनुराशि में सूर्य का प्रभाव उत्तरीगोलार्ध पर नहीं पड़ता है
इस दौरान कोई भी मांगलिक कार्य सदा वर्जित होता है
भीष्म पितामह ने खरमास में अपने प्राण नहीं त्यागे थे
उत्तरायण का इंतजार कर अपनी देह को वह त्यागे थे
मलमास
मलमास साल में 3 बार आता है पुरुषोत्तम मास कहाता है
इससे जुड़ा है रोचक प्रकरण इसका सार जो बतलाता है
हिरणाकश्यप को वरदान मिला 12 मासो में मृत्यु नहीं आनेवाली
श्री हरि विष्णु ने उसके वध के लिए मलमास की रचना कर डाली
— डॉक्टर इंजीनियर मनोज श्रीवास्तव
