नया साल
हर साल आता है नया साल
हम संजोते नये नये सपने
एक एक महीने कर
साल गुजरता जाता है
हम आशा निराशा के बीच झूलते रहते
कुछ सपने पूरे होते
कुछ रह जाते हैं अधूरे
ऐसा करते करते गुजर जाता साल
अधूरे और नये सपनों के साथ
हम फिर आने वाले नये साल का करते इंतज़ार
और एक दिन इन्हीं सपनों के साथ
हम निकल जाते हैं एक अनजान लोक
