पर्यावरण

पुंगनुर नस्ल की गाय कई विशेषताओं से परिपूर्ण है  

आंध्र प्रदेश के पुंगनुर नस्ल की गाय कद में छोटी मगर सुंदरता में सबकी पसंदीदा गाय है |  गाय हमारी माता है|माननीय प्रधान मंत्री एवं मप्र के मुख्यमंत्री जी द्वारा इस नस्ल की संरक्षण करने हेतु स्वयं के द्वारा पालन किया है साथी जागरूकता लाने के उद्देश्य से गायों की ब्रीडिंग  की शुरुआत की गई है |सुझाव यह है कि जितने भी मंत्री विधायक किसी भी पार्टी के हो सभी ने गाय अपने आवास गृह पर रखकर उसी सेवा करना चाहिए ताकि अन्य लोग भी अनुसरण कर सकें|बरसों पहले इस नस्ल को पुंगनूर क्षेत्र के शासकों द्वारा विकसित किया गया था और आज भी यह ज्यादातर इसी इलाके और इसके आसपास तक सीमित है।यह नस्ल कुछ साल पहले तक खत्म होने के कगार पर थी लेकिन राज्य और केंद्र सरकार के प्रयासों से अब इसकी ठीक-ठाक तादाद है।पुंगनूर गाय के मूत्र में एंटी-बैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं और इसका प्रयोग आंध्र प्रदेश के किसान फसलों पर छिड़काव के लिए करते हैं।यह शुष्क वातावरण में भी आसानी से रह लेती हैं और सूखे चारे पर जीवित रह सकती हैं।यह गाय करीब औसत 3 से 5 लीटर दूध देती है| पुंगनुर गाय बहुत ही सुंदर दिखती है | देशी गाय को राष्ट्रमाता का दर्जा मिलना चाहिए | 

— संजय वर्मा ‘दृष्टि ‘

*संजय वर्मा 'दृष्टि'

पूरा नाम:- संजय वर्मा "दॄष्टि " 2-पिता का नाम:- श्री शांतीलालजी वर्मा 3-वर्तमान/स्थायी पता "-125 शहीद भगत सिंग मार्ग मनावर जिला -धार ( म प्र ) 454446 4-फोन नं/वाटस एप नं/ई मेल:- 07294 233656 /9893070756 /antriksh.sanjay@gmail.com 5-शिक्षा/जन्म तिथि- आय टी आय / 2-5-1962 (उज्जैन ) 6-व्यवसाय:- ड़ी एम (जल संसाधन विभाग ) 7-प्रकाशन विवरण .प्रकाशन - देश -विदेश की विभिन्न पत्र -पत्रिकाओं में रचनाएँ व् समाचार पत्रों में निरंतर रचनाओं और पत्र का प्रकाशन ,प्रकाशित काव्य कृति "दरवाजे पर दस्तक " खट्टे मीठे रिश्ते उपन्यास कनाडा -अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर विश्व के 65 रचनाकारों में लेखनीयता में सहभागिता भारत की और से सम्मान-2015 /अनेक साहित्यिक संस्थाओं से सम्मानित -संस्थाओं से सम्बद्धता ):-शब्दप्रवाह उज्जैन ,यशधारा - धार, लघूकथा संस्था जबलपुर में उप संपादक -काव्य मंच/आकाशवाणी/ पर काव्य पाठ :-शगुन काव्य मंच