ख़ामोशी से करें मेहनत
बोया गया बीज
मिट्टी से कुछ न बोला
जड़ें मजबूत
सुबह की ओस
पत्थर पर गिरकर भी
रास्ता खोजे
चुपचाप दीपक
अंधेरे से लड़ता है
बिना शोर किए
पसीने की गंध
सपनों में बदलती
रात गवाह है
— डॉ. अशोक
बोया गया बीज
मिट्टी से कुछ न बोला
जड़ें मजबूत
सुबह की ओस
पत्थर पर गिरकर भी
रास्ता खोजे
चुपचाप दीपक
अंधेरे से लड़ता है
बिना शोर किए
पसीने की गंध
सपनों में बदलती
रात गवाह है
— डॉ. अशोक