गीतिका/ग़ज़ल

इस दफा से दफा हो जाएंगे हम

नया आज किस्सा दिखाएंगे हम
जुमला नया कुछ सुनाएंगे हम
तमाशा मेरा जब समझ जाओगे
फिर झोला उठाकर जाएंगे हम

हर दफा जो दफा हम सुनाते रहे
इस दफा कुछ दफा सुनाएंगे हम
बचपन से नाता दफा से मेरा- क्या
इस दफा से दफा हो जाएंगे हम

मेरे चीमा देव मेरे लीमा देव
सुलेमानी से बचना बताएंगे हम
जो टूटा तिलिस्म गायब चस्मा हुआ
फिर जखीरे संग चले जाएंगे हम

-राज कुमार तिवारी ( राज)

राज कुमार तिवारी 'राज'

हिंदी से स्नातक एवं शिक्षा शास्त्र से परास्नातक , कविता एवं लेख लिखने का शौख, लखनऊ से प्रकाशित समाचार पत्र से लेकर कई पत्रिकाओं में स्थान प्राप्त कर तथा दूरदर्शन केंद्र लखनऊ से प्रकाशित पुस्तक दृष्टि सृष्टि में स्थान प्राप्त किया और अमर उजाला काव्य में भी सैकड़ों रचनाये पब्लिश की गयीं वर्तामन समय में जय विजय मासिक पत्रिका में सक्रियता के साथ साथ पंचायतीराज विभाग में कंप्यूटर आपरेटर के पदीय दायित्वों का निर्वहन किया जा रहा है निवास जनपद बाराबंकी उत्तर प्रदेश पिन २२५४१३ संपर्क सूत्र - 9984172782