रिश्ते
दिल से दिल रिश्ते करीब होते है
जो बिना कहे सब समझ जाते है
जो हमेशा अपनेपन का अहसास देते है
वो ही रिश्तें सच्चे कहलाते है
कभी चेहरे पढ़कर ही समझ जाते है
नजरों की भाषा को वह पढ़ लेते है
प्रेम से जो बातें करते वहीं रिश्तें निभाते है
छोटे से इशारे से सब समझ जाते है
रिश्ते दूर होकर पास लगते है
मन की बातों को अच्छे से समझ जाते है
रिश्तों में प्रेम,विश्वास होना जरूरी है
जहां निस्वार्थ भाव से दिल मिलते है
वहीं रिश्तें हमेशा के लिए पनपते है.
— पूनम गुप्ता
