कविता

इसी दुनिया में आज

इसी दुनिया में
अखबार की
सुर्खियों से भरी खबरें
पढ़ी होंगी पाठकों ने।
आया होगा
फुरसत से भरा रविवार।
महकी होगी कोई क्यारी ,
खिला होगा कोई फूल।
छिड़ी होगी कोई धुन,
तैर गई होगी कोई सिम्फ़नी हवा में।
इसी दुनिया में
बना रहा होगा
कोई मन का ताजमहल ,
अंडों से निकल रहे होंगे बच्चे।
आज फिर कोई गौरैया ,
फुदक रही होगी
जंगल में आज।
नील गगन की सीमा पाने ,
उड़ रहा होगा कोई पंछी
उन्मुक्त, आज।

— विकास कुमार शर्मा

विकास कुमार शर्मा

पुत्र- स्व. श्री भगवान सहाय शर्मा माताजी का नाम - श्रीमती सरस्वती देवी शर्मा जन्म तिथि- 24 अक्टूबर 1982 शैक्षिक योग्यता - एम.ए.(हिंदी) , बी.एड. एम.ए.(शिक्षा) साहित्यिक गतिविधियां सन 2003 में जयपुर दूरदर्शन के कल्याणी कार्यक्रम में प्रदेश के सर्वश्रेष्ठ स्लोगन रचनाकार के रूप में सम्मानित । सन 2015 में मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति जुबिन इरानी द्वारा सी.बी.एस. ई. के हिंदी विषय के सर्वश्रेष्ठ परीक्षा परिणाम हेतु सम्मानित । अनेक पत्र पत्रिकाओं में रचनाएँ प्रकाशित पता- 35/338 , शिवपुरी - बी गंगापुर सिटी, जिला -सवाईमाधोपुर ,राजस्थान-322201 फोन-07665150750 Email-vikasggc82@gmail.com