सबके लिए
सरकारी स्कूल, जहां अधिकांश निम्न आय वाले मां बाप अपने बच्चों को शिक्षित करने भेजते हैं। एक कक्षा में शिक्षक ने कहा “बच्चों,आज हम किसी त्योहार पर निबंध लिखेंगे,तो बताओ तुम्हें कौन सा त्योहार ज्यादा पसंद है? एक बच्चे ने सबसे पहले कहा -“होली “
शिक्षक ने कहा अरे वाह ! होली है ही रंगों का त्योहार,यह तो सबको पसंद है। उस बच्चे ने भोलेपन से कहा “रंगों से तो चेहरे, कपड़े खराब हो जाते हैं”। “तो फिर भी तुम इसे क्यों पसंद करते हों? बच्चे ने फिर कहा, “मेरी मां जहां काम करती है वहां के मालिक मालकिन उनके बच्चे सभी के रंगीन कपड़े हमें मिल जाते हैं। जिनके रंग छुड़ा कर हम पहन लेते हैं। उनके कपड़े मंहगे और सुंदर होते हैं।
शिक्षक ने चुपचाप श्याम पट होली पर निबंध लिखना शुरु कर दिया।
— अमृता राजेंद्र प्रसाद
