निगाहों से गिरने से बचें
सावधान कदम से
पतझड़ की पत्तियाँ झरें
हवा धीमी बहें
नीचे की ओर
झील की शांत लहरें
प्रतिबिंब चमके
सिर को ऊपर रखें
सूरज की किरणें गुनगुनाएँ
छाया न डगमगाए
सड़क पर चलें
कंकड़-कंकड़ से जूझते
धैर्य थामें हाथ
सुनहरी रोशनी
शहर की गलियाँ जगमगाएँ
आवाज़ें धीरे-धीरे
पेड़ों की शाखें
हवा से झूलती लहरें
सुरक्षा की कहानी
कदम मिलाकर
सुरक्षित पथ पर चलें
सपनों को साथ रखें
चट्टान किनारे
धीरज से बढ़ाएं कदम
सावधानी से बढ़ें
नीचे गिरने से
रोकें आत्मा का संतुलन
हर पल की रक्षा
— डॉ. अशोक
