नन्हा मुन्ना
नन्हा बच्चा प्यारा है,
सबकी आँखों का तारा है।
धीरे-धीरे मुस्काता है,
सबका दिल खुश कर जाता है।
मम्मी-पापा के संग खेले,
हँसते-हँसते दिन भी ढले।
दौड़े, कूदे, गाना गाए,
मस्ती में दिन बिताए।
रात को जब नींद आए,
नर्म बिस्तर पर सो जाए।
चाँद उसे लोरी सुनाए,
तारे भी संग मुस्काएँ।
सुबह उठे हँसता-हँसता,
सूरज जैसा चमकता।
नन्हा बच्चा प्यारा है,
घर का उजियारा है।
— डॉ. सत्यवान सौरभ
