हाइकु/सेदोका

ख्वाहिशों के बोझ से बचना चाहिए

मन के दरवाज़े पर
अति आकांक्षाएँ खड़ी हैं
शांति की राह रोकती हैं

सपनों की गली में
असंख्य इरादों का सामान
हृदय पर भारी पड़ता है

सोच की उड़ान में
अति लालच का पतवार
नियंत्रण खो देता है

सामान्य जीवन की नदी
लहरों से नहीं,
ख्वाहिशों से उफान लेती है

मनुष्य की दृष्टि
हर वस्तु पाने को लालायित
पर संतोष की किरण ढूँढती है

सपनों की झोपड़ी
अत्यधिक चाहत से ढह जाती है
हृदय की नींव हिलती है

छोटी खुशियाँ
अत्यधिक इच्छाओं के समंदर में
भुला दी जाती हैं

साधारण जीवन की राह
भारी बोझ में भी
धीरे-धीरे अपनाई जाती है

मनुष्य की साधना
हर बार संतुलन खोजती है
ख्वाहिशों को सीमित कर देती है

आत्मा की शांति
इच्छाओं की हद में बंधकर
सच्ची स्वतंत्रता पाती है

जीवन का मूल मंत्र
बहुत कुछ न चाहो
संतोष में आनंद खोजो

— डॉ. अशोक

डॉ. अशोक कुमार शर्मा

पिता: स्व ० यू ०आर० शर्मा माता: स्व ० सहोदर देवी जन्म तिथि: ०७.०५.१९६० जन्मस्थान: जमशेदपुर शिक्षा: पीएचडी सम्प्रति: सेवानिवृत्त पदाधिकारी प्रकाशित कृतियां: क्षितिज - लघुकथा संग्रह, गुलदस्ता - लघुकथा संग्रह, गुलमोहर - लघुकथा संग्रह, शेफालिका - लघुकथा संग्रह, रजनीगंधा - लघुकथा संग्रह कालमेघ - लघुकथा संग्रह कुमुदिनी - लघुकथा संग्रह [ अन्तिम चरण में ] पक्षियों की एकता की शक्ति - बाल कहानी, चिंटू लोमड़ी की चालाकी - बाल कहानी, रियान कौआ की झूठी चाल - बाल कहानी, खरगोश की बुद्धिमत्ता ने शेर को सीख दी , बाल लघुकथाएं, सम्मान और पुरस्कार: काव्य गौरव सम्मान, साहित्य सेवा सम्मान, कविवर गोपाल सिंह नेपाली काव्य शिरोमणि अवार्ड, पत्राचार सम्पूर्ण: ४०१, ओम् निलय एपार्टमेंट, खेतान लेन, वेस्ट बोरिंग केनाल रोड, पटना -८००००१, बिहार। दूरभाष: ०६१२-२५५७३४७ ९००६२३८७७७ ईमेल - ashokelection2015@gmail.com