कविता

हिंदू नववर्ष

विभिन्न परंपराओं का समावेश बढ़ता है उत्कर्ष,
चैत माह शुक्ल पक्ष से आरंभ होता हिंदू नववर्ष,
अनेक नामों से हैं जग विख्यात हिंदू नव संवत्सर,
प्रकृति भी गाती मंगल गीत जन-मानस में हो हर्ष ।

चैत माह के नवरात्रों का होता है यहीं से आरंभ,
नौ दिन देवी की आराधना करते भक्तगण प्रारंभ,
नई उमंग नई चेतना नया उत्साह उल्लास अपार,
आशीर्वाद से शक्ति की सुखी जीवन का शुभारंभ ।

अत्यंत पुण्यदाई तिथि ये करें वेद पुराण उल्लेख,
“आनंद” बरसाने वाला बसंत भी आ गया है देख,
होता आध्यात्मिक चेतना का पुनर्जागरण प्रखर,
भक्ति व शक्ति का समन्वय बदले भाग्य की रेख ।

भारतीय संस्कृति की विविधता पर सभी को गर्व,
तिथि विशेष त्यौहार मनाएं विभिन्न राज्य ये सर्व,
बढें भारत शुभेच्छा यहीं जगमग सारा हो परिवार,
गुड़ी पड़वा, नवरेह, चेटीचंड, विशू, बिहू समृद्धि पर्व ।

— मोनिका डागा “आनंद”

*मोनिका डागा 'आनंद'

चेन्नई, तमिलनाडु