कविता दिवस
कविता क्या है,
आज तुम्हें बताती हूँ,
शब्दों के सागर में छुपी
एक दुनिया दिखाती हूँ।
कविता प्यार की परिभाषा है,
श्याम-राधा का एहसास है,
कवि की कलम से निकली
दिल की सच्ची आवाज़ है।
कविता अमन है, चैन है,
माँ-पिता का सम्मान है,
लैला-मजनू, हीर-रांझा
जैसी अमर एक पहचान है।
कविता चाहत की धड़कन है,
गुस्से को शांत करने की दवा है,
रोते हुए चेहरों पर
मुस्कान बनकर छा जाती है।
कविता जिंदगी की राह है,
जीने का अनमोल सबक है,
लोगों की खुशियों में बसती
एक प्यारी सी झलक है।
— गरिमा लखनवी
