एक टूटे हुए पत्ते की अहमियत
टूटा पत्ता
हवा में बहता
जीवन कथा
सूखी डाल
छोड़ गया जो
यादें शेष
मिट्टी पर गिरा
फिर भी कहता
मैं था हरा
धूप में जला
पर छाँव दिया
कभी चुपचाप
क्षणिक जीवन
पर अर्थ गहरा
निस्वार्थ भाव
झरता पत्ता
समय की धारा
सबको सिखाए
गिरकर भी
धरती से जुड़ा
अपना बना
छोटा सा रूप
पर संदेश बड़ा
जीवन सत्य
— डॉ. अशोक
