बाल कविता

सफाई वाला नन्हा

नन्हा-सा बच्चा आया आज,
लेकर मन में प्यारा साज।
हाथ में कपड़ा थामे-थाम,
करने निकला अपना काम।

शीशे को वो साफ़ बनाए,
घिस-घिस करके चमकाए।
कभी हँसे, कभी मुस्काए,
अपनी छवि को भी निहार जाए।

छोटे-छोटे उसके हाथ,
करते जैसे बड़ा ही काम।
देख-देख कर सब खुश होते,
वाह! ये बच्चा कितना महान।

सीख यही हम सबको दे —
साफ़-सफाई अच्छी रहे।
छोटे हों या बड़े सभी,
मिलकर रखें घर अपना सही।

— डॉ. प्रियंका सौरभ

*डॉ. प्रियंका सौरभ

रिसर्च स्कॉलर इन पोलिटिकल साइंस, कवयित्री, स्वतंत्र पत्रकार एवं स्तंभकार, (मो.) 7015375570 (वार्ता+वाट्स एप) facebook - https://www.facebook.com/PriyankaSaurabh20/ twitter- https://twitter.com/pari_saurabh