नीम हमारे स्वास्थ्य का ध्यान रखता है
नीम के फूलों की महक वातावरण को ताजगी प्रदान करती है।नीम के पेड़ पर लाखो की संख्या लगे फूलों से नीम का पेड़ ऐसा लगता है।मानो नीम ने सेहरा बांध रखा हो।निम्बोलिया जो की पक्षियों का आहार भी होती है।नीम हर वर्ष उन्हें प्रदान करता है।नीम,आदि कई पेड़- पौधे जो संक्रमण रोकथाम हेतु रोगनाशक होते है।गेंहू की कोठियों में नीम के पत्ते डालते है।पत्तियों को उबालकर स्नान टहनियों से दातुन आदि का उपयोग करते आरहे है।’पर्यावरण प्रेम एवं रेडियो पर आकाशवाणी में बजता निमाड़ी मालवी लोक गीत ‘ठंडा लिमड़ा री छाया वसी मात पिता की माया ‘ गीत में नीम का गुणगान दिखाई पड़ता है।कई स्थानों पर पेड़ो से लिपट कर उसे काटने से बचाने के प्रयास की खबर भी सुर्ख़ियों में आई थी।नीम में कई गुण औषधि स्वरुप रहते है।कई स्थानों पर बुजुर्गो को नीम के वृक्ष की वजह से उनके नाम के स्थान पर ‘नीम वाली माँ,/नीम वाले बां संबोधित करने का आज भी चलन है। खैर नीम का वृक्ष उपयोगी और हमारा वृक्ष मित्र परिवार है।उसका ख्याल रखना हम सब का कर्तव्य है।
— संजय वर्मा ‘दृष्टि’
