आशा भोंसले जी (श्रद्धांजलि)
दे कर अनमोल खजाना अपने हृदय स्पर्शी सुरों का इस विश्व को,
12 अप्रैल 2026 को कहा अलविदा आशा भोंसले जी ने जग को,
अपने आत्मविश्वास और हुनर के दम पर ही किया दिलों पर राज,
जीवन में संगीत साधना से कई नायाब पुरस्कारों का पहना ताज ।
चाहे बंद हो नभ की ओर रास्ते सारे उन्हें अपने पंखों पर था यकीन,
जिंदगी को जिया भी अपनी जिद्द और कला के दम पर हॉं बेहतरीन,
आशा जी ने संगीत की विधाओं को प्रस्तुत किया अपने ही अंदाज,
बन गयी उनकी स्वर आराधना अरबों दिलों की पसंदीदा आवाज ।
ईश्वरीय अनंत कृपा उन पर जन्म हुआ था उनका संगीतज्ञ घराने में,
परवरिश संगीत ने उनकी की रूह में रचा बसा कर उसी जमाने में,
उतरी वो गायकी में दीदी लता जी के साथ घर की जिम्मेदारी लेकर,
अब तक 16,000 से भी अधिक कई भाषाओं में गाएं गीत जमकर ।
दिलों को आशाएं देने वाली आशा अब नहीं है हमारे बीच स्वशरीर से,
पर उनकी जादूई आवाज हमेशा के लिए अमर हुई रूहानी जमीर से,
उनके आशा रेस्टोरेंट में विदेश में खाया था मैंने भी एक बार खाना,
महसूस किया उनका अद्भुत व्यक्तित्व कैसे बना देता सबको दीवाना ।
प्रार्थना हैं उनकी पाक आत्मा को मिलें ईश “आनंद” चरणों में स्थान,
ऐसे ही कुछ नेक दिल बंदों पर रब रहता हैं सदा के लिए मेहरबान,
ये नश्वर शरीर त्यागना हैं हम सबको एक न एक दिन यह तो हैं तय,
पर जो भव्य सौगात देकर होते विदा चिरकाल तक वे पूज्य अजेय ।
— मोनिका डागा “आनंद”
