गीतिका/ग़ज़ल

दिल से रिश्ता बनाये रखना

कभी अनदेखा नही करना अपनों से
दिल से दिल का रिश्ता बनाये रखना
बेगाने कभी काम नही आएंगे तुम्हारे
अपनों पे हमेशा विश्वास बनाए रखना।
अपनों से अपनों का रिश्ता जरूरी है
ऐसा अटूट बंधन तुम बनाए रखना
ऐसे रिश्ते को कभी जाया नही करते
बुरे वक्त के लिए इसको बनाए रखना।
जो अपने होते है, वही साथ दे पाते है
नाराजगी पर भी खुशी जताये रखना
जो सदा गम को समझ जाये तुम्हारा
ऐसे लोगों से हमेशा प्यार बनाए रखना।

— अशोक पटेल “आशु”

*अशोक पटेल 'आशु'

व्याख्याता-हिंदी मेघा धमतरी (छ ग) M-9827874578

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