कविता

बिटिया

मातु-पिता की प्यारी बिटिया।
सुख की नींद सुलाती बिटिया।।
दो-दो घर महकाती बिटिया।
ममता पाठ पढ़ाती बिटिया।।

जीवन पथ पर जाना बिटिया।
कुल का मान बढ़ाना बिटिया।।
काम सभी उत्तम ही करना।
आगे बढ़ना कभी न डरना।।

मातृशक्ति तुम देवी रूपा।
पूजी जाती सकल अनूपा।।
बेटी पत्नी बहना माता।
घर परिवार की सुख प्रदाता।।

समय साथ तुम आगे बढ़ना।
हर मुश्किल से डटकर लड़ना।।
अपनीज्ञ ताकत जान गई हो।
सकल जगत पहचान नई हो।।

शीश कभी मत झुकने पाए।
राष्ट्र तुम्हारी गाथा गाए।।
जिम्मेदारी भारी बिटिया।
बदलेगी ये दुनिया बिटिया।।

बिटिया कहती सब-जन जागे।
फिर शासन सत्ता नहिं भागे।।
मेरा क्या है दोष बताओ।
दोष नहीं तो न्याय दिलाओ।।

*सुधीर श्रीवास्तव

शिवनगर, इमिलिया गुरूदयाल, बड़गाँव, गोण्डा, उ.प्र.,271002 व्हाट्सएप मो.-8115285921