गीत/नवगीत

साईकिल की सवारी

बाल, किशोर, युवा, वृद्ध, सबको भाए सबको प्यारी।
साईकिल की करो सवारी, इसकी शान है सबसे न्यारी।।
पर्यावरण के लिए सुखारी।
सबके लिए ही है हितकारी।
स्वास्थ्य का पैकेज नहीं है भारी,
साईकिल निकाल करो तैयारी।
जिम की नहीं है कोई जरूरत, कसरत होती इससे सारी।
साईकिल की करो सवारी, इसकी शान है सबसे न्यारी।।
पेट्रोल, डीजल नहीं चाहिए।
लाइसेंस बिन चलते जाइए।
नहीं शोर, नहीं वायु प्रदूषण,
मस्त चाल से चलते जाइए।
रोगों पर चलती बनकर आरी,घंटी लगती कितनी प्यारी।
साईकिल की करो सवारी, इसकी शान है सबसे न्यारी।।
अपने क्षमता, अपनी गति है।
साईकिल सवार की तीक्ष्ण मति है।
साइकिल से मंजिल पर जाओ,
जिसको खुद से और घर से रति है।
भिन्न आकार, रंग भिन्न हैं, बजट नहीं है इसका भारी।
साईकिल की करो सवारी, इसकी शान सबसे न्यारी।।

डॉ. संतोष गौड़ राष्ट्रप्रेमी

जवाहर नवोदय विद्यालय, मुरादाबाद , में प्राचार्य के रूप में कार्यरत। दस पुस्तकें प्रकाशित। rashtrapremi.com, www.rashtrapremi.in मेरी ई-बुक चिंता छोड़ो-सुख से नाता जोड़ो शिक्षक बनें-जग गढ़ें(करियर केन्द्रित मार्गदर्शिका) आधुनिक संदर्भ में(निबन्ध संग्रह) पापा, मैं तुम्हारे पास आऊंगा प्रेरणा से पराजिता तक(कहानी संग्रह) सफ़लता का राज़ समय की एजेंसी दोहा सहस्रावली(1111 दोहे) बता देंगे जमाने को(काव्य संग्रह) मौत से जिजीविषा तक(काव्य संग्रह) समर्पण(काव्य संग्रह)