चाहिए जिला हिसार
लोग सिवानी के करें, भिवानी को इंकार।
जन-जन की यह मांग है, हो अब जिला हिसार।।
सिवानी से हिसार है, केवल कुछ ही दूर।
चले भिवानी तो लगे, घँटे कई भरपूर।।
जनता की सुविधा कहे, सुन लो सही पुकार—
जन-जन की यह मांग है, हो अब जिला हिसार।।
बस की राहें बोलतीं, जुड़ा कहाँ संसार।
हिसार सँग जीवन चले, हर दिन बारंबार।।
क्यों फिर दूरी ढो रहा, जनता का अधिकार—
जन-जन की यह मांग है, हो अब जिला हिसार।।
शिक्षा, मंडी, हॉस्पिटल, मिले हिसार प्रवेश।
रोज़मर्रा की जिंदगी, उससे जुड़ी विशेष।।
व्यर्थ समय औ धन बहे, होता केवल भार—
जन-जन की यह मांग है, हो अब जिला हिसार।।
रिश्ते-नाते, लोकमत, एक रहा व्यवहार।
संस्कृति और समाज का, मिला वही आधार।।
जनभावों को अब मिले, उचित और विस्तार—
जन-जन की यह मांग है, हो अब जिला हिसार।।
दस बरसों से उठ रही, जनता की आवाज़।
शांतिपूर्ण संघर्ष का, देखो यह अंदाज़।।
लोकतंत्र की लाज रख, सुन ले ए सरकार—
जन-जन की यह मांग है, हो अब जिला हिसार।।
‘सौरभ’ जनता पूछती, कब होगा उद्धार।
इस भौगोलिक सत्य को, कर उचित स्वीकार।।
सिवानी हित में कीजिए, निर्णय अबकी बार—
जन-जन की यह मांग है, हो अब जिला हिसार।।
— डॉ. सत्यवान सौरभ
