रंग-बिरंगी प्यारी तितली
डाल-डाल पर आयी तितली,
सबके मन को भायी तितली।
सुन्दर-सुन्दर फूल खिले हों,
देगी वहीं दिखायी तितली।।
तितली रानी, रूप तुम्हारा,
लगता सबको प्यारा-प्यारा।
फूल-फूल पर मंडराती ऐसे,
भर जाता है उपवन सारा।।
कली-कली छिप जाती है,
दूर-दूर तक उड़ जाती है।
रंग-बिरंगी प्यारी तितली,
तू सबके मन को भाती है।।
लुका-छिपी का खेल खेलती,
करती रहती है मनमानी।
हाथ नहीं किसी के आती,
होती तितली बड़ी सयानी।।
— डॉ. प्रियंका सौरभ
