गीत/नवगीत

इंकलाब की गूँज

भगत सिंह की सोच को, रखना दिल के पास।
देशप्रेम की ज्योति से, रोशन हो हर साँस।।

माटी पर कुर्बान थे, लेकर मन में जोश।
भारत माँ की आन पर, छोड़ा ना संतोष।।
हँसकर फाँसी चढ़ गए, अमर हुआ इतिहास।
भगत सिंह की सोच को, रखना दिल के पास।।

इंकलाब की गूँज से, काँपा अत्याचार।
तभी युवाओं में जगा, आजादी का प्यार।।
जीना है बस देशहित, उनका था विश्वास।
भगत सिंह की सोच को, रखना दिल के पास।।

सच, समानता, न्याय का, मन में था उजियार।
भारत का वो चाहते, शोषण से अधिकार।।
उनके सपनों का बने, भारत आज प्रकाश।
भगत सिंह की सोच को, रखना दिल के पास।।

तन मिट जाए देश पर, मिटने देना आज।
मातृभूमि के मान से, बढ़कर क्या है काज।।
वीरों के बलिदान का, रख सदा एहसास।
भगत सिंह की सोच को, रखना दिल के पास।।

— डॉ. प्रियंका सौरभ

*डॉ. प्रियंका सौरभ

रिसर्च स्कॉलर इन पोलिटिकल साइंस, कवयित्री, स्वतंत्र पत्रकार एवं स्तंभकार, (मो.) 7015375570 (वार्ता+वाट्स एप) facebook - https://www.facebook.com/PriyankaSaurabh20/ twitter- https://twitter.com/pari_saurabh

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